अपकृत्य (Tort) जिसका समानार्थी शब्द
अनुचित (wrong) होता है। जिसका सर्वप्रथम अग्रेजीं भाषा में प्रयोग सर नार्मन जो एक
विधिशास्त्री थे। उन्होनें ने किया था जिनके अनुसार टॉर्ट शब्द का अर्थ उन
विभिन्न कार्यो से है। जिसके करने से किसी व्यक्ति विशेष को विधि क्षति पहुचें
और क्षतिकर्ता को उसकी क्षतिपूर्ति करनी पड़े। फिर चाहे वह कार्य क्षतिकर्ता ने
चाहे जाने अनजाने में किया हो।
कुछ विशेष विधिशास्त्रीयोंद्वारा प्रतिपादित व्याख्यान -
समय –समय पर विभिन्न विधिशास्त्रीयों ने अपकृत्य विधि को परिभाषित करने का प्रयत्न किया है। लेकिन कोई भी परिभाषा पूर्णतया संतोषजनक नहीं हो सकी है। अर्थात अपकृत्य विधि की परिभाषा देना अत्यन्त कठिन है। कुछ विधिशास्त्रीयों द्वारा दी गई परिभाषाएं-
· सर फलेमिंग (Sir fleming) – बहुत साधारण शब्दों में अपकृत्य संविदा – भंग से भिन्न सिविल दोष है। जिसके लिये विधि क्षतिपूर्ति के आदेश द्वारा उपचार प्रदान करती है।
· क्लार्क एण्ड लिंडसे(Clarke and Lindsey) – अपकृत्य संविदा से स्वंतन्त्र ऐसा दोष है जिसके लिऐ उपयुक्त कार्यवाही सामान्य विधिक अनुयोजन है।
· (Salmend) - इनके अनुसार अपकृत्य एक दिवानी दुष्कृत है। जिसका उपचार सिर्फ विधि द्वारा क्षतिपूर्ति की कार्यवाही है। जो किसी संविदा-भंग तथा सम्यिक दायित्व या अन्य न्यास-भंग से भिन्न है।
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